क्या आपको पता है कि ताश के पत्तो में 3 राजाओं की तो मूछ होती हैं लेकिन चौथे राजा की नही होती, कोई गलती है या रहस्य, जानिए वजह

आज हम आपके लिए एक बेहद ही रोमांचक और दिलचस्प खबर लेकर आए हैं। आपने कभी ना कभी तो ताश के पत्तों (Playing cards) का नाम सुना ही होगा और शायद बहुत से लोगों ने इसे खेला भी होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं इस खेल की शुरुआत कब और कहां हुई थी? तथा चौथे राजा के चेहरे पर मूछ क्यों नहीं बनी होती? तो चलिए आज हम आपको ताश के पत्तों के बारे में कुछ interesting facts बताते हैं –

आजकल ताश के पत्ते (Playing cards) हर जगह गली, मोहल्ला, party, function तथा शहरों में खाली समय गुजारने के लिए खेला जाने वाला लोकप्रिय खेल माना जाता है। इसलिए आज के इस डिजिटल जमाने में हमारे मोबाइल पर भी यह game आने लगी है जिससे यह खेल हम ऑनलाइन भी खेल सकते हैं। अब मोबाइल पर ताश के पत्तों का पॉपुलर लिग भी आयोजित किया जाता है।

ताश का खेल जो भारत में बड़े जोर शोर से खेला जाता है, इस ताश के खेल की शुरुआत सबसे पहले यूरोप में शुरू हुई थी। बहुत साल पहले 14वीं शताब्दी के समय यूरोप में ताश के रंगीन पत्ते बनाये गये थे। ताश के पत्तों का रंग और डिजाइन उस समय सभी जगह अलग-अलग होता था।

16वीं शताब्दी का समाप्ति तथा 17वी. शताब्दी की शुरुआत से पहले तक यह खेल काफी प्रचलित हो गया था, जिस कारण सभी देशों में अलग-अलग ताश के पत्ते बनने लगे थे। French Card Makers ने ताश के पत्तों का एक समान डिजाइन ही तैयार करने का निर्णय किया। उन्होंने ताश के 52 पत्ते तैयार किए, जिसमें से 4 पत्तों पर राजाओं की तस्वीर बनाई थी।

कई इतिहासकारों का मानना है कि ताश के पत्तों (Playing cards) में कुछ बदलाव कर 18 वीं शताब्दी में पुनः नया डिजाइन तैयार किया गया था। इन इतिहासकारों का कहना है कि ताश के पत्तों (Playing cards) वास्तविकता में राजा , महाराजाओं का खेल है यानी कि इस खेल का आरंभ शाही परिवार से हुआ था। लेकिन इतिहास में कहीं भी राजाओं द्वारा इस खेल को सार्वजनिक रुप से खेले जाने के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।

ताश के पत्तों के interesting facts

ताश के कुल पत्तों में चार राजा के powerful cards होते हैं जो कभी भी खेल को बदल भी सकते हैं। इसमें चार राजा होते हैं उनमें से एक राजा बिना मूंछ वाला होता है तथा बाकी के तीन राजाओं के मुंह पर मूंछ बनी होती है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? तीन राजाओं के चेहरे पर मूछ क्यों बनी होती है, चलिए जानते हैं इसका क्या कारण है?

जैसा कि ताश के पत्ते (Playing cards) में कुल 52 cards हैं, जिनमें से चार पत्तों पर राजाओं कि अलग-अलग तस्वीर बनी होती है, जिसे लाल पान (king-of-hearts), काला पान (SPADES), डायमंड (DIAMONDS) और चिड़ी (CLUBS) बादशाह कहा जाता है। लाल पान बादशाह को छोड़कर बाकी 3 राजाओं के चेहरे पर मूंछ बनी होती है। यानी कि लाल पान (King of hearts) ही केवल बिना मूछ वाला राजा होता है।

लेकिन अगर हम शुरुआत से देखेंगे तो King of hearts की पत्ती पर भी मूंछ बनाई गई थी, जब 18वीं शताब्दी में ताश के पत्तों का रीडिजाइन तैयार किया गया , तो इसके चेहरे पर मूंछ बनाना भूल गए थे। ऐसे में उसी तरह से ताश के पत्ते तैयार किए जा रहे हैं, जिस कारण ताश के खेल में अब भी लाल पान के चेहरे पर मूछ नहीं बनाई जाती और बाकी के तीन काला पान, चिड़ी व डायमंड के चेहरे पर मूंछ होती है।

जब ताश के खिलाड़ियों ने इसे नोटिस किया तब उन्होंने भी इसे सुधारने की मांग नहीं की जिस कारण लाल पान बादशाह की पत्ती बिना मूंछ की ही रह गई। यह खेल भी ऐसे ही आगे चल रहा है इस प्रकार King of hearts की एक अलग ही पहचान बन गई है।

लाल पान बादशाह को सुसाइड किंग भी कहा जाता है क्योंकि अगर आपने इस कार्ड को अच्छी तरह से नोटिस किया होगा, तो देखा होगा कि उनके एक हाथ में तलवार होती है जो सीधे उनके सिर के पास जाती है, जिस कारण उन्हें सुसाइड किंग भी कहा जाता है।

लेकिन देखा जाए तो वास्तविकता में ऐसा नहीं है यह भी डिज़ाइनर के गलती से ही हुआ है जिस प्रकार उन्होंने लाल पान बादशाह के पत्ती पर नई डिजाइन बनाते हुए मूंछ देना भूल गए थे, उसी प्रकार गलती से यह तलवार सर के आर पार ही बना दी।

सुसाइड किंग के रूप में लाल पान बादशाह की छवि खराब होने लगी थी, इस छवि को खराब होने से सुरक्षित रखने के लिए publicly उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। गलती स्वीकारने के बाद भी ताश के पत्तों पर दोबारा रिडिजाइन नहीं हुआ, जिस कारण लाल बादशाह की मूछें भी वापस नहीं आई और ना ही सर के पास से तलवार हटाया गया।

ताश के पत्तों में जो चार बादशाह हैं इनका नाम विश्व के महान राजाओं के नाम पर रखा गया है, जो अपने वर्तमान समय में महान शासक के रूप में जाने जाते थे। काला पानी यानी की हुकुम (SPADES) के पत्ते का नाम इज़राइली राजा KING DAVID के नाम पर रखा गया था। इसके अलावा जो चिड़ी (CLUBS) का कार्ड है उसे मेसाडोनिया के लोकप्रिय शासक सिकंदर के नाम पर रखा गया था, जो अलेक्जेंडर द ग्रेट के नाम से प्रख्यात थे।

रोम के राजा JULIUS CAESAR के नाम के ऊपर डायमंड किंग बादशाह का नाम रखा गया था। अंतिम राजा का कार्ड जो लाल पान बादशाह का कार्ड है उसका नाम फ्रांसीसी राजा CHARLEMAGNE के नाम पर रखा गया, इन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र पर कई सालों तक शासन किया था।

About Vipul Kumar

मैं एक हिंदी और अंग्रेजी लेखक और फ़्रंट एंड वेब डेवलपर हूं। वंदे मातरम

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