रोहित शर्मा ने प्लास्टिक के कचरे को खत्म करने को लेकर “एंड प्लास्टिक वेस्ट” एडिडास के जूते पहन किया समर्थन, कहीं ये बात

rohit sharma shoes news

क्रिकेट खेल में भारतीय कप्तान “रोहित शर्मा” के कारनामो को देश आप भी उन्हें प्रेरित हो जाएंगे। 24 अप्रैल में खेले जाने वाले “आई पी एल- IPL” लीग में मुंबई इंडियंस- MI के साथ “लखनऊ सुपर जायन्ट्स” के बीच होने वाले मैच में रोहित शर्मा एडिडास के जुते पहनकर खेलने गए थे जिसमें ‘एंड प्लास्टिक वेस्ट’ एन्वॉयरन्मेंट को बचाने के लिए संदेश लिखे हुए थे। जिसके बाद सभी की नज़रे रोहित के पहने जूतों पर ही टिकी रही। आपको बता दे कि एडिडास ब्रांड पिछले कई सालो से वह पानी में होने वाले प्लास्टिक वेस्ट से ही अपने जुते बनाते आ रहे है।

रोहित शर्मा द्वारा पहनने वाले जुते को “आकिब वानी” ने ही उसे डिज़ाइन क्या था। साथ ही उस पर महासागरों में प्लास्टिक वेस्ट को होने से रोकने का संदेश लिखा था। प्लास्टिक वेस्ट और एनवायरनमेंट में होने वाले प्रदूषणों को रोकने वाले संदेशो को अक्सर इसी तरह और भी क्रिकेटर्स द्वारा फैलाया जाता है।

एडिडास का दावा है कि जब भी रोहित शर्मा उन जूतों पहनकर मैदान में उतरेंगे और उन जूतों को पहनकर जितने रन मरेंगे उनके द्वारा एक रन के हिसाब से एडिडास द्वारा मुंबई शहर के समुद्र से 10 बॉटल्स साफ़ किया जायेगा। और साथ ही इससे जूतों में लिखे हुए ‘टुगेदर इम्पॉसिबल इज नथिंग’ संदेश को और लोगो तक भी आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।

 

 

हालांकि यह पहली दफा नहीं है रोहित शर्मा द्वारा पिछले साल आई पी एल के होने वाले खेलो में भी ‘सेव द राइनोस’ का संदेश लिखे जूतों को पहनते हुए देखा गया है। और यह बात पिछले साल काफ़ी चर्चा में रही थी। जिस वजह से सबकी नज़र मैच के दौरान रोहित के पहने जूतों में रही है। जिसके बाद इस साल भी रोहित शर्मा लोगो को जागरूक करने के लिए इस साल भी इसी तरह के जूतों को पहने नज़र आ रहे है।

 

 

तो आज आपने जाना कि रोहित शर्मा द्वारा एडिडास के जूतों को पहनकर खेलने का राज़ क्या है और ऐसा क्या है उन जूतों जिस वजह सबकी नज़रे उन जूतों पर ही टीकी है। यदि आपको यह ब्लॉग पसंद आया है और साथ ही आप इसी तरह के खबरों को पढ़ना पसंद करते है तो आप हमें फॉलो कर सकते है साथ ही आप हमारे ब्लॉग को शेयर भी कर सकते है।

About Vipul Kumar

मैं एक हिंदी और अंग्रेजी लेखक और फ़्रंट एंड वेब डेवलपर हूं। वंदे मातरम

View all posts by Vipul Kumar →

Leave a Reply

Your email address will not be published.